GK Quiz In Hindi: रामायण की कथा में सीता हरण की घटना सबसे दुखद और महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक मानी जाती है। यह घटना सिर्फ़ एक प्रसंग नहीं है, बल्कि इसी से आगे पूरी राम–रावण कथा, युद्ध और अधर्म के अंत की कहानी शुरू होती है। बहुत से लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि सीता का हरण किस दिन हुआ था। नीचे दिए गए सवाल–जवाब में इस विषय को और ज़्यादा बड़े, साफ़ और समझने योग्य संदर्भ के साथ बताया गया है।
प्रश्न 1. माता सीता कौन थीं?
Answer: माता सीता भगवान राम की पत्नी थीं और उन्हें देवी लक्ष्मी का अवतार माना जाता है। वे धरती से प्रकट हुई थीं, इसलिए उन्हें भूमिजा भी कहा जाता है। रामायण में सीता को धैर्य, मर्यादा, त्याग और पवित्रता की मूर्ति के रूप में दिखाया गया है।
प्रश्न 2. सीता हरण से पहले राम, सीता और लक्ष्मण कहाँ रहते थे?
Answer: सीता हरण से पहले भगवान राम, सीता और लक्ष्मण वनवास के दौरान दंडकारण्य वन में एक कुटिया बनाकर रह रहे थे। यह समय उनके 14 वर्ष के वनवास का था, जब वे राजमहल छोड़कर साधारण जीवन जी रहे थे।
प्रश्न 3. सीता का हरण किसने किया था?
Answer: सीता का हरण लंका के राजा रावण ने किया था। रावण बहुत बड़ा विद्वान और शक्तिशाली था, लेकिन उसके अंदर अहंकार और अधर्म भरा हुआ था, जिसकी वजह से उसने यह पाप किया।
प्रश्न 4. सीता हरण का मुख्य कारण क्या था?
Answer: रावण की बहन शूर्पणखा ने राम से विवाह की इच्छा जताई थी, लेकिन अस्वीकार होने और नाक कटने के बाद उसने रावण से बदला लेने की बात कही। इसी अपमान और क्रोध के कारण रावण ने सीता हरण की योजना बनाई।
प्रश्न 5. रावण ने सीता का हरण कैसे किया?
Answer: रावण ने पहले मारीच को स्वर्ण मृग का रूप धारण करने को कहा। सीता उस मृग को पाने की इच्छा करने लगीं। राम मृग के पीछे चले गए और लक्ष्मण भी बाद में कुटिया से दूर चले गए। इसी अवसर का लाभ उठाकर रावण साधु का वेश बनाकर आया और सीता का हरण कर लिया।
प्रश्न 6. सीता का हरण किस दिन हुआ था?
Answer: धार्मिक ग्रंथों, लोक परंपराओं और पंचांग के अनुसार सीता का हरण फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या के दिन हुआ था। यह दिन बहुत अशुभ माना जाता है और रामायण की कथा में इसे अत्यंत दुखद दिन के रूप में देखा जाता है।
प्रश्न 7. उस दिन को इतना विशेष क्यों माना जाता है?
Answer: अमावस्या का दिन अंधकार का प्रतीक माना जाता है। इसी दिन रावण ने छल और धोखे से यह कार्य किया। इसी कारण कई विद्वान मानते हैं कि यह घटना अधर्म के चरम की निशानी थी।
प्रश्न 8. सीता हरण के बाद राम और लक्ष्मण ने क्या किया?
Answer: सीता के हरण के बाद भगवान राम अत्यंत दुखी हुए। उन्होंने सीता की खोज शुरू की और इसी खोज के दौरान उनकी मुलाकात हनुमान, सुग्रीव और वानर सेना से हुई, जिससे आगे चलकर लंका पर चढ़ाई का मार्ग बना।
प्रश्न 9. सीता को हरण के बाद कहाँ रखा गया था?
Answer: रावण सीता को पुष्पक विमान से लंका ले गया और वहाँ अशोक वाटिका में रखा। सीता ने वहाँ कई महीनों तक कष्ट सहा, लेकिन अपने धर्म, मर्यादा और राम के प्रति विश्वास को कभी नहीं छोड़ा।
प्रश्न 10. सीता हरण की कथा से हमें क्या सीख मिलती है?
Answer: सीता हरण की कथा यह सिखाती है कि छल, अहंकार और अधर्म चाहे जितने शक्तिशाली दिखें, उनका अंत निश्चित होता है। वहीं धैर्य, सच्चाई और धर्म अंत में हमेशा विजयी होते हैं।
Disclaimer: यह आर्टिकल रामायण, धार्मिक ग्रंथों, लोक मान्यताओं और पंचांग पर आधारित है। अलग-अलग परंपराओं में तिथि को लेकर थोड़ा मतभेद हो सकता है। यहां दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य ज्ञान बढ़ाना है, न कि किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुँचाना।