General Knowledge In Hindi: ताजमहल से जुड़ी एक कहानी बहुत ज़्यादा प्रचलित है कि इसे बनाने वाले कारीगरों के हाथ काट दिए गए थे, ताकि वे दोबारा ऐसा खूबसूरत मकबरा न बना सकें। यह बात सुनने में डरावनी लगती है, लेकिन सच्चाई क्या है—यह जानना बहुत ज़रूरी है। नीचे दिए गए सवाल–जवाब में इस विषय को आसान भाषा और बड़े, साफ़ संदर्भ के साथ समझाया गया है।
प्रश्न 1. ताजमहल किसने बनवाया था?
Answer: ताजमहल मुगल बादशाह शाहजहाँ ने अपनी पत्नी मुमताज़ महल की याद में बनवाया था। यह इमारत प्रेम और कला की मिसाल मानी जाती है।
प्रश्न 2. ताजमहल बनाने में कितने साल लगे थे?
Answer: ताजमहल को बनाने में लगभग 22 साल लगे थे। इस दौरान हज़ारों कारीगर, मज़दूर और कलाकार इसमें लगे हुए थे।
प्रश्न 3. ताजमहल बनाने वाले कारीगर कौन थे?
Answer: ताजमहल बनाने वाले कारीगर भारत के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ ईरान, तुर्की और मध्य एशिया से आए थे। वे पत्थर तराशने, नक्काशी और गुम्बद बनाने में माहिर थे।
प्रश्न 4. क्या इतिहास की किताबों में हाथ काटने का ज़िक्र है?
Answer: नहीं, किसी भी प्रामाणिक इतिहास की किताब, शाही दस्तावेज़ या विदेशी यात्रियों के लेखों में यह नहीं लिखा है कि कारीगरों के हाथ काटे गए थे।
प्रश्न 5. फिर यह कहानी कहाँ से आई?
Answer: यह कहानी बाद के समय में लोक कथाओं और अफवाहों के रूप में फैल गई। लोगों ने ताजमहल की सुंदरता देखकर यह मान लिया कि ऐसा काम दुबारा न हो, इसलिए ऐसा किया गया होगा।
प्रश्न 6. क्या शाहजहाँ ऐसा करने वाले शासक थे?
Answer: शाहजहाँ कला और स्थापत्य के प्रेमी माने जाते थे। उन्होंने कई इमारतें बनवायीं और कारीगरों को सम्मान और मेहनताना दिया, न कि सज़ा।
प्रश्न 7. क्या ताजमहल जैसा काम बाद में भी हुआ?
Answer: हां, ताजमहल के बाद भी मुगल काल में सुंदर इमारतें बनीं। अगर कारीगरों के हाथ काट दिए जाते, तो यह संभव ही नहीं होता।
प्रश्न 8. ताजमहल बनाने वाले कारीगरों के हाथ क्यों काट दिए गए थे?
Answer: यह बात पूरी तरह गलत है। ताजमहल बनाने वाले कारीगरों के हाथ नहीं काटे गए थे। यह सिर्फ़ एक अफवाह और मनगढ़ंत कहानी है, जिसका कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं मिलता।
प्रश्न 9. इतिहासकार इस बारे में क्या कहते हैं?
Answer: इतिहासकार मानते हैं कि यह कहानी सच नहीं है। इसे न तो मुगल दस्तावेज़ों में पाया गया और न ही विदेशी यात्रियों ने ऐसा कुछ लिखा।
प्रश्न 10. इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?
Answer: यह कहानी हमें सिखाती है कि हर सुनी-सुनाई बात सच नहीं होती। इतिहास को समझने के लिए हमेशा प्रमाण और विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करना चाहिए।
Disclaimer: यह आर्टिकल ऐतिहासिक तथ्यों, इतिहासकारों की राय और उपलब्ध दस्तावेज़ों पर आधारित है। ताजमहल से जुड़ी “कारीगरों के हाथ काटे गए” वाली कहानी एक मिथक है, न कि सत्य। जानकारी को हमेशा समझदारी और प्रमाण के साथ स्वीकार करें।