General Guiz In Hindi: भगवान श्री कृष्ण को लेकर यह सवाल बहुत बार पूछा जाता है कि वे किस जाति के थे। आज के समय में लोग जाति को जिस तरह समझते हैं, वैसा विभाजन प्राचीन काल में नहीं था। इसलिए इस सवाल का जवाब समझने के लिए हमें उस समय की व्यवस्था, वंश और सामाजिक ढांचे को सही तरह से समझना ज़रूरी है। नीचे इस विषय को आसान भाषा और बड़े, साफ़ संदर्भ के साथ समझाया गया है।
प्रश्न 1. भगवान श्री कृष्ण कौन थे?
Answer: भगवान श्री कृष्ण द्वापर युग के महान पुरुष थे। उन्हें विष्णु का अवतार माना जाता है और वे महाभारत व भगवद गीता के प्रमुख पात्र हैं।
प्रश्न 2. पुराने समय में “जाति” का मतलब क्या था?
Answer: प्राचीन काल में आज जैसी जाति व्यवस्था नहीं थी। उस समय वर्ण व्यवस्था थी, जो कर्म और गुण के आधार पर मानी जाती थी, न कि जन्म के आधार पर।
प्रश्न 3. श्री कृष्ण का जन्म कहाँ हुआ था?
Answer: श्री कृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ था। उनके पिता वासुदेव और माता देवकी थीं।
प्रश्न 4. श्री कृष्ण किस वंश से थे?
Answer: श्री कृष्ण यदुवंश से थे। उनके वंश के कारण उन्हें यादव कहा जाता है। यही उनकी पहचान थी।
प्रश्न 5. क्या “यादव” कोई जाति थी?
Answer: नहीं, यादव उस समय एक वंश (कुल) था, न कि आज की तरह समझी जाने वाली जाति। वंश का मतलब होता है—परिवार और राजवंश की परंपरा।
प्रश्न 6. वर्ण व्यवस्था के अनुसार श्री कृष्ण किस वर्ण में आते थे?
Answer: वर्ण व्यवस्था के अनुसार श्री कृष्ण क्षत्रिय वर्ण से जुड़े माने जाते हैं, क्योंकि वे राजवंश से थे और राज्य, युद्ध व शासन से जुड़े कार्य करते थे।
प्रश्न 7. क्या श्री कृष्ण ने जाति-भेद को माना था?
Answer: नहीं, श्री कृष्ण ने कभी जाति-भेद का समर्थन नहीं किया। उन्होंने कर्म, भक्ति और धर्म को सबसे ऊपर रखा। गीता में भी कर्म को प्रधान बताया गया है।
प्रश्न 8. भगवान श्री कृष्ण किस जाति के थे? (सीधा और सही उत्तर)
Answer: भगवान श्री कृष्ण यदुवंश (यादव वंश) से थे और वर्ण व्यवस्था के अनुसार क्षत्रिय माने जाते हैं। उन्हें आज की आधुनिक “जाति” की परिभाषा में बाँधना सही नहीं है।
प्रश्न 9. लोग इस सवाल में भ्रम क्यों करते हैं?
Answer: क्योंकि आज की जाति व्यवस्था और प्राचीन समय की सामाजिक व्यवस्था अलग-अलग थीं। लोग आज के नजरिए से पुराने समय को समझने की कोशिश करते हैं, जिससे भ्रम पैदा होता है।
प्रश्न 10. इस सवाल से हमें क्या समझ में आता है?
Answer: यह सवाल हमें समझाता है कि भगवान या महान व्यक्तियों को जाति में बाँधना सही नहीं है। उनका जीवन, कर्म और विचार ज़्यादा महत्वपूर्ण होते हैं।
Disclaimer: यह आर्टिकल महाभारत, भगवद गीता और प्राचीन भारतीय परंपराओं पर आधारित है। भगवान श्री कृष्ण को आधुनिक जाति व्यवस्था के अनुसार परिभाषित करना उचित नहीं है। यहां दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य ज्ञान बढ़ाना है, किसी की भावना को ठेस पहुँचाना नहीं।